कृषि सूचना पोर्टल
‹
Gram Mitra कृषि एवं किसान कल्याण सूचना सेवा
🌾
फसल कैलेंडर

फसल कैलेंडर

चना फसल कैलेंडर | Rabi POP Zone 1-B
🌾 Rabi POP Zone 1-B • चना

चना फसल कैलेंडर

खेत की तैयारी से लेकर बुवाई, बीजोपचार, पोषण एवं उर्वरक, जिंक प्रबंधन, निराई-गुड़ाई तथा फसल की आगे की देखभाल तक चना फसल के प्रमुख कार्यों का समयबद्ध कैलेंडर।

बुवाई बीजोपचार उर्वरक जिंक निराई-गुड़ाई फसल सुरक्षा
RABI POP ZONE 1-B

चना की फसल का समयबद्ध प्रबंधन

नीचे दिया गया कैलेंडर उपलब्ध Rabi POP Zone 1-B सामग्री में दिये गये चना संबंधी समय, मात्रा और कार्यों को क्रमबद्ध रूप में प्रस्तुत करता है।

अक्टूबरप्रारंभिक बुवाई
नवम्बरमुख्य बुवाई
दिसम्बरपछेती बुवाई / वृद्धि
जनवरीफसल प्रबंधन
फरवरीफूल / फली विकास
मार्चआगे की देखभाल
📅

मुख्य फसल कैलेंडर

समय के क्रम में चना फसल के प्रमुख कार्य

Rabi POP Zone 1-B

अक्टूबर से आगे तक कार्य योजना

स्रोत में उपलब्ध समय-संबंधी जानकारी के अनुसार

1

अक्टूबर का प्रथम पखवाड़ा

बारानी चना
  • बारानी चने की अग्रिम बुवाई लाभदायक है।
  • नमी को देखते हुए बुवाई अक्टूबर के प्रथम पखवाड़े से कर देनी चाहिए।
  • बुवाई से पहले निर्धारित बीजोपचार करें।
2

20 अक्टूबर – 15 नवम्बर

सिंचित चना
  • सिंचित चने की बुवाई 20 अक्टूबर से 15 नवम्बर तक करें।
  • सर्वोत्तम समय 25 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक है।
3

बुवाई से पहले

बीजोपचार + उर्वरक
  • जड़गलन व उखड़ा रोग की रोकथाम के लिए ट्राइकोडर्मा हर्जियेनम, कार्बेन्डाजिम आदि से बीजोपचार करें।
  • राइजोबियम एवं पी.एस.बी. कल्चर से बीज उपचार करें।
  • दीमक प्रभावित खेतों में अनुशंसित बीज उपचार करें।
  • सिंचित क्षेत्र में नत्रजन 5 किग्रा. तथा फॉस्फोरस 10 किग्रा. प्रति बीघा की दर से बीज बोने से पहले ड्रिल करें।
  • बारानी क्षेत्र में उपरोक्त उर्वरक की आधी मात्रा बुवाई से पहले ड्रिल करें।
4

25 नवम्बर तक

पछेती बुवाई
  • चना की पछेती बुवाई 25 नवम्बर तक 22.5 सेमी. लाइन से लाइन की दूरी रखते हुए की जा सकती है।
  • पछेती बुवाई के लिए बीज मात्रा किस्म के अनुसार बढ़ाई जाती है।
5

बुवाई के 5–6 सप्ताह बाद

बारानी क्षेत्र
  • बारानी क्षेत्रों में बुवाई के 5–6 सप्ताह बाद तक निराई-गुड़ाई अवश्य करें।
6

सिंचित क्षेत्र में सिंचाई के बाद

निराई-गुड़ाई
  • सिंचित चने में सिंचाई के बाद खेत में बतर आने पर एक निराई-गुड़ाई करें।
7

फूल आने की अवस्था

पोषण प्रबंधन
  • बारानी क्षेत्रों में एन.पी.के. 19:19:19 के 1 प्रतिशत घोल का फूल आने की अवस्था पर छिड़काव करने से उपज में वृद्धि होती है।
  • मृदा में जिंक की कमी के लक्षण हों तो जिंक का पर्णीय छिड़काव करें।
8

फली विकास अवस्था

जिंक प्रबंधन
  • क्रांतिक स्तर से कम जिंक वाले खेतों में जिंक सल्फेट के 0.5 प्रतिशत विलयन का दूसरा पर्णीय छिड़काव फली विकास अवस्था पर करें।
🌾

बुवाई का कैलेंडर

सिंचित, बारानी एवं पछेती बुवाई

स्थिति समय मुख्य निर्देश
बारानी चना अक्टूबर का प्रथम पखवाड़ा नमी को देखते हुए अग्रिम बुवाई करें।
सिंचित चना 20 अक्टूबर – 15 नवम्बर सर्वोत्तम समय 25 अक्टूबर – 5 नवम्बर।
पछेती बुवाई 25 नवम्बर तक 22.5 सेमी. लाइन से लाइन की दूरी रखें।
बीज मात्रा: प्रमाणित चना बीज 15 किग्रा. प्रति बीघा; GNG-469 (सम्राट) के लिए 18 किग्रा. प्रति बीघा; समय पर एवं पछेती बुवाई के लिए स्रोत में दी गई किस्म-विशिष्ट मात्रा का पालन करें।
🧪

पोषण एवं उर्वरक कैलेंडर

फसल की अवस्था के अनुसार पोषक तत्व प्रबंधन

🌱

बुवाई से पहले

सिंचित क्षेत्र में नत्रजन 5 किग्रा. तथा फॉस्फोरस 10 किग्रा. प्रति बीघा। बारानी क्षेत्र में आधी मात्रा।

♻️

वर्मीकम्पोस्ट

बारानी क्षेत्र में सिफारिश किये गये उर्वरकों की आधी मात्रा के साथ 5 क्विंटल प्रति बीघा वर्मीकम्पोस्ट।

💧

फूल अवस्था

बारानी क्षेत्रों में NPK 19:19:19 के 1 प्रतिशत घोल का छिड़काव।

🧪

जिंक

मृदा परीक्षण में जिंक का स्तर 0.60 पी.पी.एम. से कम होने पर जिंक प्रबंधन करें।

🍃

जिंक पर्णीय छिड़काव

जिंक सल्फेट 1.5 किग्रा. + बुझा चूना 750 ग्राम को 100–125 लीटर पानी में घोलकर प्रति बीघा छिड़काव।

🌿

फली विकास

क्रांतिक स्तर से कम जिंक वाले खेतों में 0.5% जिंक सल्फेट विलयन का दूसरा पर्णीय छिड़काव।

🌿

खरपतवार नियंत्रण एवं निराई-गुड़ाई

स्रोत में दिये गये समयानुसार

1

सिंचित चना

सिंचाई के बाद

सिंचाई के बाद खेत में बतर आने पर एक निराई-गुड़ाई करें।

2

बारानी चना

बुवाई के 5–6 सप्ताह बाद

बारानी क्षेत्रों में बुवाई के 5–6 सप्ताह बाद तक निराई-गुड़ाई अवश्य करें।

🛡️

फसल सुरक्षा

उपलब्ध स्रोत में दिये गये रोग एवं कीट प्रबंधन बिंदु

🦠

जड़गलन एवं उखड़ा

बुवाई से पहले ट्राइकोडर्मा हर्जियेनम, कार्बेन्डाजिम आदि से बीजोपचार।

🐜

दीमक

दीमक प्रभावित खेतों में बुवाई से पूर्व अनुशंसित बीजोपचार करें।

🌱

जिंक कमी

मृदा परीक्षण एवं कमी के लक्षणों के आधार पर भूमि या पर्णीय जिंक उपचार करें।

🍃

फली छेदक

उपलब्ध सामग्री में फली छेदक के प्रति किस्मों की प्रतिरोधकता तथा फसल सुरक्षा के संदर्भ दिये गये हैं। विशिष्ट रासायनिक नियंत्रण की पूरी तालिका इस कैलेंडर में नहीं जोड़ी गई है।

स्रोत-सीमा: यह कैलेंडर उपलब्ध Rabi POP Zone 1-B के दिये गये पृष्ठों पर आधारित है। जिन महीनों/अवस्थाओं के लिए स्रोत में निश्चित तारीख या पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है, वहां सामान्य अनुमान जोड़कर तारीख नहीं बनाई गई है।
Rabi POP Zone 1-B

चना फसल कैलेंडर — बुवाई, बीजोपचार, पोषण एवं उर्वरक, जिंक प्रबंधन तथा निराई-गुड़ाई संबंधी उपलब्ध स्रोत सामग्री के आधार पर।

← सभी कृषि विषय देखें